दाम बढ़ने का कारण
इस साल दूध की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। इसके पीछे मुख्य कारण चारे और पशु-आहार की बढ़ती कीमतें, डेयरी उत्पादन की लागत और ट्रांसपोर्टेशन खर्च बताए जा रहे हैं। इसके अलावा गर्मी और मौसम की वजह से दूध उत्पादन में कमी भी एक बड़ी वजह है।
कंपनियों का कदम
भारत की बड़ी दूध सप्लाई कंपनियां जैसे Amul, Mother Dairy, Nandini, और अन्य स्थानीय ब्रांड्स ने अपने दूध और डेयरी प्रोडक्ट्स की कीमतों में ₹2 से ₹3 प्रति लीटर तक का इजाफा किया है।
उपभोक्ताओं पर असर
दूध और उससे बने प्रोडक्ट्स जैसे दही, पनीर, मक्खन और घी के दाम बढ़ने से आम लोगों के घरेलू बजट पर सीधा असर पड़ रहा है। खासकर मध्यमवर्गीय और गरीब वर्ग को इस महंगाई का सामना करना पड़ रहा है।
सरकार का कदम
सरकार का कहना है कि डेयरी किसानों को उचित मूल्य दिलाने और उत्पादन बढ़ाने के लिए योजनाएं चलाई जा रही हैं। साथ ही दूध सप्लाई और डिमांड को संतुलित करने के लिए सरकार लगातार डेयरी कंपनियों से बातचीत कर रही है।
आगे की स्थिति
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में अगर उत्पादन बढ़ा और चारे की कीमतें स्थिर हुईं, तो दूध के दाम में स्थिरता आ सकती है। लेकिन अभी के लिए उपभोक्ताओं को बढ़ी हुई कीमतों पर ही दूध खरीदना पड़ रहा है।